महान ऊर्जा और हमारी समझ : भाग १ – SahiAurGalat

दोस्तों आज हम उसके बारे में बात करेंगे जिसका कोई नाम नहीं, रूप नहीं, लिवाज़ नहीं, रहन – सहन नहीं, कोई आकर नहीं, कोई प्रकार नहीं, जितना कुछ हम कल्पना करते है उसमे से कुछ भी नहीं।

मगर फिर भी कहीं न कहीं वो है, बल्कि ये कहो कि वो हर कहीं है, या कह लो कहीं नहीं है। पर ये हम ज़रूर कह सकते है कि कोई ना कोई ऊर्जा है जो हमारे आप पास हमेशा रहती है, कहीं भी कभी भी हमारा पीछा करती है।

ये हमारी समझ है, दोस्तों हम एक ही समय में दो चीज़ों को तो सोंच समझ नहीं सकते इसलिए हम अलग अलग समय में अलग अलग बातों को समझते है और उन बातों के मतलब को महसूस करते है।

महान ऊर्जा और हमारी समझ

जैसा कि आप सब ने पढ़ा होगा, और जानते होंगे कि मन दो होते है

  1. चेतन
  2. अवचेतन


आप लोगों को मै वही बताना चाहता हूं, जो मै महसूस करता हूं। चेतन और अवचेतन दोनों के अलग अलग काम हैं। बल्कि ये कहना ज्यादा अच्छा होगा कि इनके काम के आधार पर ही मन को दो भागों में विभाजित किया गया है।


हम बात करते है चेतन मन की, चेतन वो है जो हमारे क्रियाशील समय में काम करता है। जब हम कोई भी काम करते रहते है या सोंचते समझते रहते है तब क्रियाशील रहता है।


अब हम बात करेंगे अवचेतन मन की जो हमारे आराम, निद्रा के समय काम करता है, या जब हम बिल्कुल अकेले हों और हमारा दिमाग़ बिल्कुल ही शांत अवस्था में हो तब ये क्रियाशील रहता है।

अब हम मन के बारे में कुछ जान गए है और अब हम उस चीज़ को समझने का प्रयास कर सकते है। तो हम बात कर रहे थे जिसे हम महसुस तो कर सकते हैं पर देख नहीं सकते, कैद नहीं कर सकते। उस महान ताकत के बारे में जिसके होने के भी लाखों करोड़ों लोगों ने अपने मत दिए है और ना होने के भी।


हम ये भी जानते है कि कोई ऊर्जा है जो कि सकारात्मक और नकारात्मक दोनों है। ये हमारी सोचने समझने के आधार पर होती है, की हम क्या सोचते है और उसके बारें में क्या समझते हैं।

हमारे चारों तरफ़ एक ऊर्जा होती है जिसे हम शक्ति या महान ताकत कुछ भी कह सकते हैं और बुरी ताकत भी कह सकते है वो हमारी समझ पर निर्भर करता है। सकारात्मक ऊर्जा वो है जिसे हम अपने नज़र में अच्छा मानते है और नकारात्मक ऊर्जा वो है जिसे हम बुरा मानते हैं।

वैसे आपके मन में सवाल तो बहुत आ रही होगी, जैसे – सकारात्मक क्या है, नकारात्मक क्या है, वगैरा – वगैरा । खैर, यह लेख पढ़ने के लिए बहुत बहुत शुक्रिया । मै अपनी आने वाली अगले लेख में सकारात्मक, नकारात्मक, शक्ति आदि के बारे में बात करूँगा । धन्यवाद!


Nilesh Pandey

About Writer : Awadesh Nilesh Pandey (20 Year Old), is pursuing graduation in B.A. (Hindi literature) from “rajya vishwavidyalaya allahabad”. His birthplace is Prayagraj Uttar Pradesh & lives in mumbai.

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