लालच : चूहा और ऋषि मुनि की कहानी – बच्चों की कहानियाँ

लालच - बच्चों के लिए प्रेरणादायक कहानी

एक बार की बात है। एक ऋषि अपने कुटीया में बैठे थे। तभी उनको एक आवाज सुनाई दी… बचाओ!

ऋषि तुरंत कुटी से बाहर आये और देखा की एक छोटा चूहा कहर रहा है। ऋषि ने पूछा की क्या हुआ?

चूहे ने बोला की.. एक कौवा मुझे अपने चोच में दबाकर ले जा रहा था। जब उसने काव-काव बोला तो उसके चोच से मै बाहर गिर गया। भगवान का लाख लाख शुक्र है की मेरी जान बच गयी।

ऋषि को उस चूहे पर दया आई और उन्होंने सोचा की क्यों न इसे बिल्ली बना दूँ, ताकि इसको किसी पंक्षी से भय भी नही रहेगा।

ऋषि ने तुरन्त मंत्र पढ़ा और चूहे को बिल्ली बना दिया। चूहा बड़ा ही खुश होता है। ऋषि कहते है की जाओ तुम्हे अब डरने की जरूरत नही है। अब वो ऋषि के साथ रहने लगा।

एक दिन अचानक ऋषि के कुटी में एक कुत्ता आया और उस कुत्ते की नजर बिल्ली पर पड़ी। कुत्ते ने तुरंत बिल्ली पर झपटा,

बिल्ली चिल्लाई.. गुरु बचाओ!

ऋषि उस समय स्नान कर के आ रहे थे। उन्होंने देखा की एक कुत्ता बिल्ली को परेशान कर रहा है, तो उन्होंने तुरंत मन्त्र पढ़ा और बिल्ली को कुत्ता बना दिया।

वो कुत्ता बनकर इतना खुश हो गया की ख़ुशी का ठीकाना ही नही रहा। चूहे से बिल्ली बना.. बिल्ली से कुत्ता बना… क्या तकदीर थी उसकी।

धीरे-धीरे उसके मन में लालच भर गया। उसने सोचा की क्यों न मै शेर बन जाऊँ, ताकि लोग मुझसे डरे, मुझे किसी से डर न रहे। वो ऋषि के पास जाता और बोलता है की,

हे गुरु… मुझे शेर बना दिजिये, लोग मुझे मार के भगा देते है। मै किसी का कुछ नुकसान नही करूँगा।

ऋषि ठहरे दयालु, मन्त्र पढ़ा और उसे कुत्ता से शेर बना दिया। अब वह शेर बनकर बड़ा ही अपने आप को भाग्यशाली समझने लगा और लोगो को डराने लगा।

एक दिन उसके मन में लालच आया की क्यों न इस ऋषि को ही मार दूँ, ताकि कोई यह न जान पाये की मै पहले चूहा से बिल्ली बना, बिल्ली से कुत्ता बना, फिर कुत्ता से शेर बना।

इसके बाद वो सही मौके का इन्तजार करने लगा। एक दिन उसने देखा की ऋषि पूजा में ध्यान लागये हुए है, तो उसने तुरंत ऋषि पर आक्रमण किया।

ऋषि को सब पता चल गया की ये चूहा ही है। उन्होंने तुरंत मन्त्र पढ़ा और उसे पुनः पहले वाले अवस्था में ला दिया, जिससे वो फिर से चूहा बन गया।

ऋषि ने चूहे को इस गंदे हरकत के लिए, अपने घर से भगा दिया। जिससे चूहा की जान फिर से पहले की तरह खतरे में हो गया।

शिक्षा – इस कहानी से हमने क्या सिखा!

इस कहानी से हमे यह शिक्षा मिलता है की हमे लालच कभी भी नही करना चाहिये। क्यूँकी लालच में लोग किसी की हत्या कर देते है। लालच आदमी को अन्धा बना देता है। जितना हमारे पास है उतना में ही संतुष्ट रहना चाहिये। अगर चूहा ने लालच नही किया होता तो वो शेर ही रहता। उसे ये तनिक भी समझ नही था की, अगर ऋषि उसे चूहे से बिल्ली, बिल्ली से कुत्ता, कुत्ता से शेर बना सकते है, तो उसे शेर से चूहा भी बना सकते थे।


टिप्पणी : यह साझा की गई प्रेरणादायक कहानी लेखक की मूल रचना नहीं है, लेखक द्वारा इसे पहले कही पढ़ा या सुना गया है, तत्पश्च्यात इसे केवल कुछ संशोधनों के साथ हिंदी संस्करण में प्रस्तुत किया गया है। धन्यवाद !

co founder of sahiaurgalat.com

मेरा नाम गीता मौर्या है। मैं कंप्यूटर बेसिक नॉलेज कोर्स से सर्टिफाइड हूँ। फिलहाल मै बीए कर रही हूँ।

कंटेंट राइटिंग और सरल तरीके से नए विचारधारा का लेख लिखना मुझे पसंद है।

मै सही और गलत वेबसाइट के मंच के ज़रिये यह चाहती हूँ की पुरे दुनिया भर में हिंदी भाषा और हिंदी लेख के माध्यम से हर तरह के ज्ञान का प्रसार किया जाए।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

कमेंट करके अपना विचार प्रकट करें